पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं, बल्कि समाज को उसका वास्तविक स्वरूप दिखाने का दायित्व भी निभाती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता ने हमेशा जनभावनाओं को स्वर दिया है और सत्ता तथा समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य किया है। यह बातें प्रदेश के आयुष एवं औषधि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने गुरुवार को पराड़कर स्मृति भवन में विधायक निधि से कराए गए सुंदरीकरण कार्य के लोकार्पण समारोह में कहीं।उन्होंने कहा कि काशी की धरती पत्रकारिता, ज्ञान और चिंतन की समृद्ध परंपरा की साक्षी रही है। यहां से उठी आवाजों ने देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। पराड़कर स्मृति भवन पत्रकारिता के आदर्शों और मूल्यों का प्रतीक है तथा इसके संरक्षण एवं विकास के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।
राज्यमंत्री ने कहा कि काशी सदियों से मनीषियों, चिंतकों और राष्ट्रीय विचारधाराओं की जन्मस्थली रही है। इसी भूमि ने उन्हें भी सार्वजनिक जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सत्य को समाज तक पहुंचाने के लिए पत्रकार दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं और अनेक चुनौतियों के बावजूद लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार पत्रकारों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में काशी ने विकास के नए मानदंड स्थापित किए हैं तथा आज विश्व पटल पर नई पहचान बना रही है। पराड़कर स्मृति भवन का सुंदरीकरण केवल भवन का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि पत्रकारिता की समृद्ध विरासत को सम्मान देने की पहल है, जो आने वाली पीढ़ियों को मूल्यों और परंपराओं से जोड़ेगी।
कार्यक्रम में काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर संघ को वाटर कूलर उपलब्ध कराने के लिए मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ के पदाधिकारियों अभिषेक केसरी, विनय अरोड़ा, ऋषि आहूजा और गुरमीत सिंह बग्गा को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष जयप्रकाश श्रीवास्तव ने व्यक्त किया। समारोह में काशी पत्रकार संघ एवं प्रेस क्लब के अनेक पदाधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


