शहर के अधिवक्ताओं को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त एकीकृत कोर्ट कैंपस की सौगात मिल सकती है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कचहरी परिसर में बढ़ती भीड़ और जगह की कमी का मुद्दा उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।बार एसोसिएशन के अनुसार अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जून माह में ही करीब 750 नए अधिवक्ताओं का नामांकन हुआ है, जबकि मौजूदा परिसर में बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई अधिवक्ताओं को खुले में काम करना पड़ रहा है।
मुलाकात के दौरान अधिवक्ताओं ने कचहरी और दीवानी न्यायालय को एक ही परिसर में संचालित करने के लिए सेंट्रल जेल के पास स्थित लगभग 25 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस विकसित करने की मांग रखी। प्रस्तावित परिसर में वातानुकूलित चैंबर, अस्पताल, आधुनिक कैंटीन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।मुख्यमंत्री ने मांग पर सहमति जताते हुए जिलाधिकारी को संबंधित भूमि का रिकॉर्ड शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाराणसी में मॉडल कोर्ट कैंपस विकसित कर आधुनिक न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान में कचहरी और दीवानी न्यायालय अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण बड़ी संख्या में वकीलों को प्रतिदिन दोनों स्थानों के बीच आना-जाना पड़ता है। एकीकृत कोर्ट कैंपस बनने से कार्य व्यवस्था सुगम होगी और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।


