2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर संकट, TET मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नौकरी सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। इस बीच टीईटी शिक्षक संगठन ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखने का फैसला किया है।संगठन का कहना है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती उस समय लागू नियमों के तहत हुई थी और उनसे अब टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता जोड़ना उचित नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों का तर्क है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है, इसलिए केंद्र सरकार को उनके हितों की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए।

शिक्षक संगठन ने मांग की है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए या उनके लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए। संगठन का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे शिक्षकों की सेवाओं और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उनकी नौकरी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।बताया जा रहा है कि संगठन जल्द ही प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर इस संबंध में आवश्यक हस्तक्षेप की मांग करेगा, ताकि प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो सके।






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