दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के नियमों में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके लागू होने पर वाहन मालिकों के लिए पीयूसी जांच की अवधि उनके वाहन के मानकों और उम्र के आधार पर अलग-अलग कर दी जाएगी।प्रस्ताव के मुताबिक, बीएस-6 (BS-VI) मानक वाले निजी वाहनों को बड़ी राहत मिल सकती है। ऐसे वाहन मालिकों को हर साल पीयूसीसी कराने की बजाय अब तीन साल में एक बार ही यह प्रमाणपत्र लेना पड़ सकता है। यह छूट उन निजी वाहनों पर लागू होगी जो अपेक्षाकृत नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले हैं।
इसके विपरीत, पुराने वाहनों पर सख्ती बढ़ाने की योजना है। मार्च 2020 से पहले के बीएस-4 (BS-IV) वाहनों के लिए पीयूसीसी जांच की आवृत्ति बढ़ाकर हर छह महीने करने का प्रस्ताव है। वहीं, बीएस-3 (BS-III) या उससे पुराने वाहनों के लिए यह जांच हर तीन महीने में अनिवार्य किए जाने पर विचार चल रहा है।इसी तरह, 6 से 10 साल पुराने वाहनों के लिए सालाना पीयूसीसी जांच का नियम लागू रह सकता है, जबकि 10 साल से अधिक पुराने वाहनों को हर छह महीने में जांच करानी होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कम उत्सर्जन वाले बीएस-6 वाहन अन्य मानकों की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं। ये बीएस-4 वाहनों की तुलना में करीब 82 प्रतिशत कम पार्टिकुलेट मैटर और लगभग 25 प्रतिशत कम नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करते हैं।कमर्शियल वाहनों के लिए भी अलग प्रावधानों पर चर्चा हो रही है। प्रस्ताव के अनुसार, छह साल तक पुराने बीएस-6 कमर्शियल वाहनों को हर दो साल में पीयूसीसी कराना होगा, जबकि छह साल से अधिक पुराने वाहनों के लिए हर साल जांच अनिवार्य की जा सकती है।दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए सरकार कई अन्य कदम भी उठा रही है। सर्दियों के मौसम में जब एक्यूआई 500 से ऊपर चला जाता है, तब स्थिति और गंभीर हो जाती है।
इस समस्या से निपटने के लिए ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ के तहत कई उपाय लागू किए जा रहे हैं, जो आमतौर पर नवंबर से चार महीने तक प्रभावी रहते हैं।इन उपायों में पार्किंग शुल्क बढ़ाना, बिना पीयूसीसी वाले वाहनों को ईंधन न देना, बीएस-6 मानकों का पालन न करने वाले मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वैध पीयूसीसी के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा।


