ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन सोमवार को मऊ जिले में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त से ही सुबह लगभग चार बजे के आसपास कस्बे के रामघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पवित्र अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां सरयू’ के जयघोष के बीच पतित पावनी सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस धार्मिक अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा अपने पितरों की आत्मा की शांति हेतु पिंडदान एवं दान-पुण्य भी किया गया।
श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पुरोहितों को दक्षिणा अर्पित कर परिवार की कुशलता की प्रार्थना की। वहीं घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर आस्था व्यक्त की। महिलाओं ने सरयू माता को हलवा-पूड़ी का भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की मन्नतें मांगीं। पर्व के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। रामघाट पर पुलिस बल की तैनाती रही और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दिया।


