प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए वैश्विक समुदाय से नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समुद्री व्यापार के माध्यम से दुनिया को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का भारत स्वागत करता है, लेकिन हालिया संघर्षों के कारण क्षेत्र के कई मित्र देशों को जान-माल का भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री व्यापार प्रभावित होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और विश्व अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है। G-7 सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी आउटरीच सत्र में मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
फ्रांस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान G-7 देशों के नेताओं ने सामूहिक फोटो सेशन में हिस्सा लिया। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और मोदी के बीच भी गर्मजोशी भरी मुलाकात देखने को मिली। मेलोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं।”गौरतलब है कि पार्टनर देश के रूप में G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की यह 13वीं भागीदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवीं बार इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।


