वाराणसी में सोमवार को नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने विरोध प्रदर्शन किया। बीएचयू सिंहद्वार से प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय तक मार्च निकालने के आह्वान के बीच पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन को रोक दिया। इस दौरान पल्लवी पटेल ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनके 24 समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के दौरान पल्लवी पटेल और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पहले उन्हें पुलिस लाइन ले जाने की बात कही गई, लेकिन बाद में पुलिस उन्हें शहर से बाहर ले गई। बड़ा गांव थाने पहुंचाए जाने पर भी उन्होंने नीट पेपर लीक के विरोध में नारेबाजी जारी रखी और प्रदर्शन रोकने पर नाराजगी जताई।प्रदर्शन के दौरान पल्लवी पटेल ने नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच न्यायिक निगरानी में कराने, दोषियों के नाम सार्वजनिक करने तथा एनटीए और अन्य परीक्षा नियंत्रक अधिकारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा दोबारा कराने और यूपीएसआई भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल स्कोरकार्ड जारी करने की मांग भी की।
हिरासत में लिए जाने से पहले पल्लवी पटेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा, रोजगार और लोकतंत्र को मजबूत करने वाली राजनीति की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार के नाम पर अवसरों से वंचित किया जा रहा है और परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलियों से युवा वर्ग में भारी नाराजगी है।प्रदर्शन को देखते हुए लंका क्षेत्र से लेकर प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई पदाधिकारियों को नजरबंद भी किया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए।इस विरोध प्रदर्शन से पहले रविवार रात वाराणसी पहुंचने के दौरान भी पल्लवी पटेल और पुलिस के बीच रोचक घटनाक्रम देखने को मिला। लखनऊ से वाराणसी आते समय जौनपुर के हौज टोल प्लाजा पर पुलिस ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की। बताया जाता है कि पल्लवी पटेल दो कार्यकर्ताओं के साथ वाहन से उतरकर खेतों के रास्ते निकल गईं। करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह मुख्य सड़क तक पहुंचीं और एक सवारी ऑटो से देर रात बाबतपुर पहुंच गईं। वहां उन्होंने एक पार्टी कार्यकर्ता के घर रात्रि विश्राम किया और सोमवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।पल्लवी पटेल की गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन को लेकर दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही, जबकि प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया।


