अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच टीम) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दायरे में अब श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव आ गए हैं। एसआईटी ने उनसे घंटों पूछताछ की और उनकी वर्तमान तथा पूर्व संपत्तियों, आय के स्रोतों और आयकर रिटर्न सहित कई वित्तीय दस्तावेज मांगे हैं।सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राम मंदिर निर्माण से पहले और बाद में टिन्नू यादव की संपत्ति में कितना बदलाव आया और संपत्तियां किस प्रकार अर्जित की गईं। उन्हें जरूरी दस्तावेजों के साथ दोबारा एसआईटी के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े एक पदाधिकारी से भी लिखित जवाब मांगा गया है। एसआईटी ने खरीद-फरोख्त और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवालों की एक प्रश्नावली तैयार की है, जिस पर जवाब देने को कहा गया है।जांच के दौरान चार संदिग्ध गणना कर्मियों से भी पूछताछ की गई है। इन कर्मियों पर दानपात्रों की नकदी गणना के दौरान अनियमितताओं का आरोप है। अधिकारियों ने उनके मोबाइल फोन और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की है।
सूत्रों का दावा है कि जांच में अब तक कई नाम सामने आए हैं, जिनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ल, रमाशंकर यादव और मनीष यादव शामिल हैं। कुछ आरोपियों के घरों और खातों से कथित तौर पर लाखों रुपये की बरामदगी भी हुई है, जिन्हें ट्रस्ट के खाते में जमा कराने की बात कही जा रही है।एसआईटी की जांच केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था, जवाबदेही और भविष्य में सुधारात्मक उपायों की भी पड़ताल कर रही है। इसी बीच, राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और संगठनों के बीच आंतरिक खींचतान की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।मामले की जांच अभी जारी है। आरोपों और बरामदगी से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


