नगर निगम द्वारा शहर से मांस, मछली बिक्री की दुकानों को बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में साझा संस्कृति मंच के बैनर तले लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम शिवानी सिंह को सौंपा।मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्वच्छता और सुंदरीकरण के नाम पर गरीब व्यापारियों, मल्लाह समुदाय, बंगाली समाज, मुस्लिम समुदाय तथा इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुकानों को शहर से 5 से 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने का निर्णय व्यापार को प्रभावित करेगा और इससे बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि खुले में मांस बिक्री या स्वच्छता संबंधी समस्याएं हैं तो उनका समाधान नियमन और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि दुकानों को शहर से बाहर भेजकर। उन्होंने नगर निगम से कचरा प्रबंधन, रेफ्रिजरेशन और बंद शीशों के पीछे बिक्री जैसी व्यवस्थाओं को अनिवार्य बनाने की मांग की।साझा संस्कृति मंच ने अपने ज्ञापन में शहर से बाहर स्थानांतरण संबंधी आदेश पर रोक लगाने, मांस व्यापारियों के उत्पीड़न को बंद करने तथा सभी पक्षों से संवाद कर समाधान निकालने की मांग की। मंच ने चेतावनी दी कि मांगों पर विचार नहीं किए जाने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।ज्ञापन सौंपने के दौरान सतीश सिंह, रामजन्म यादव, डॉ. अनूप श्रमिक, संजीव सिंह, विनय राय मुन्ना, नेविश, अब्दुल्ला, नीरज, अनंत, डॉ. छेदी लाल निराला, मनीष शर्मा, नीति, सलमा, ओमप्रकाश मिश्रा, ध्रुव, लता, शाहिद जमाल, गौतम, धनंजय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


