नया रायपुर स्थित श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल समूह देश का पहला बाल कार्डियक सेंटर है, जहां बच्चों के हृदय रोगों का उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। 28 दिसंबर 2012 को शुरू हुए इस संस्थान का मूल मंत्र है— “सबसे प्रेम, सबकी सेवा” और इसका उद्देश्य जाति, धर्म, वर्ग, राष्ट्रीयता या आर्थिक स्थिति से परे सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां भर्ती से लेकर ऑपरेशन, दवाइयों और डिस्चार्ज तक किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। अस्पताल में कोई बिलिंग काउंटर नहीं है। 12 वर्ष से कम आयु के मरीजों के साथ दो परिजनों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क की जाती है।10 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, संजीवनी अस्पताल समूह में देश और विदेश से 3.78 लाख से अधिक मरीज पंजीकृत हुए हैं, जबकि 42,853 कार्डियक सर्जरी एवं कैथ इंटरवेंशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
वहीं, संजीवनी माँ एवं बाल अस्पताल समूह में 12,579 प्रसव कराए जा चुके हैं।अयोध्या स्थित संजीवनी केंद्र में अब तक 16.85 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को निःशुल्क परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खास बात यह है कि हृदय रोग से संबंधित मरीजों की संख्या में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। प्रदेश से 1,00,363 से अधिक ओपीडी मरीज और 11,571 कार्डियक सर्जरी वाले मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। रायपुर अस्पताल में आने वाले कुल बाल हृदय रोगियों में औसतन 30 से 35 प्रतिशत मरीज अकेले उत्तर प्रदेश से होते हैं।संस्थान के चेयरमैन डॉ. सी. श्रीनिवास ने बताया कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और जन्मजात हृदय रोग, शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर जैसी चुनौतियों को देखते हुए राज्य में भी संजीवनी की सेवाओं का विस्तार करने की योजना है। यह प्रयास राज्य सरकार, संस्था और समाज के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा।संस्थान ने इस जनकल्याणकारी मिशन को सफल बनाने में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया है तथा भगवान श्री सत्य साई बाबा से इस सेवा अभियान की सफलता के लिए आशीर्वाद की प्रार्थना की है।


