लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित 10% फ्यूल सरचार्ज को लेकर मामला गरमा गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। आयोग ने पूछा है कि 10% फ्यूल सरचार्ज किस आधार पर लगाया गया और इसकी गणना कैसे की गई। आयोग ने स्पष्ट किया है कि फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) का उपयोग केवल मौजूदा ईंधन और बिजली खरीद लागत में हुए बदलाव की भरपाई के लिए किया जा सकता है। इसे पुराने बकाये, ऐतिहासिक देनदारियों या एकमुश्त भुगतान की वसूली का माध्यम नहीं बनाया जा सकता।
गौरतलब है कि UPPCL ने जून माह के लिए बिजली उपभोक्ताओं पर 10% फ्यूल सरचार्ज लगाने का आदेश जारी किया था, जिससे बिजली बिलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही थी। आयोग की आपत्ति के बाद अब इस सरचार्ज की वैधता और गणना प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोग के निर्देश के बाद उपभोक्ताओं की नजर अब UPPCL के जवाब और आगे होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि जून में बिजली बिलों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा या नहीं।

