वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर गांव स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने डीजे बाबा मंदिर के एक हिस्से को नगर निगम की टीम द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है।ग्रामीणों के अनुसार डीजे बाबा मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षों से पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। मंदिर परिसर छोटा होने के कारण श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान असुविधा होती थी। इसी को देखते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर परिसर के सीमित विस्तार और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा था।
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बिना किसी पूर्व संवाद या सहमति के मंदिर के पिलरों तथा निर्माणाधीन हिस्से को तोड़ दिया। इस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई से पहले मंदिर समिति और क्षेत्रीय लोगों से बातचीत करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त संवाद के की गई इस कार्रवाई से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।घटना की सूचना क्षेत्रीय पार्षदभी दी गई, लेकिन लोगों का कहना है कि समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं हो सका। इसके चलते क्षेत्रवासियों में नाराजगी और बढ़ गई।
मौके पर मौजूद महिलाओं ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मंदिर को पूर्व स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की मांग की है।क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।


