ब्रिटेन में गिरफ्तार भारतीय जहाज कप्तान अजय पंत के मामले में अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है। भारतीय उच्चायोग के माध्यम से अजय पंत को आवश्यक कांसुलर सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
अजय पंत, जो उत्तराखंड के नैनीताल के निवासी हैं, उस तेल टैंकर के कप्तान थे जिसे ब्रिटिश अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल में रोक लिया था। उन पर ब्रिटेन के रूस प्रतिबंध संबंधी कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार और भारतीय उच्चायोग के साथ समन्वय बनाकर मामले की हर पहलू पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं अजय पंत के परिजनों ने उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए केंद्र और उत्तराखंड सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। अब सभी की नजरें 16 जुलाई को होने वाली अगली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं।



