मोहर्रम की तैयारियों के बीच औसानगंज कोतवाली स्थित नवाब की ड्योढ़ी से सैकड़ों वर्ष पुराना दुलदुल अलम का पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस का आयोजन अंजुमन जव्वादिया की देखरेख में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
जुलूस लोहटिया, काशीपुरा, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, फाटक, सलीमपुरा, कालीमहल, माताकुंड और पितरकुंडा होते हुए फातमान पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान अंजुमन जव्वादिया के नौहाख्वानों ने कर्बला की याद में नौहे पेश किए, जबकि अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन हाशमी और अंजुमन हुसैनिया के सदस्यों ने नौहाख्वानी और मातम किया।
जुलूस में जाकिर हुसैन एवं उनके साथियों ने शहनाई पर मातमी धुनें प्रस्तुत कीं, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो उठा। श्रद्धालु या हुसैन की सदाओं के बीच मातम करते हुए जुलूस के साथ चलते रहे।इस अवसर पर मेहंदी बाख्त, असद बाख्त, इकबाल हुसैन हैदर, इमरान हुसैन जैदी, शकील हुसैन जैदी, जफर हसन, सागर हसन, शाहीन हुसैन, सकलैन हैदर, रिहान हुसैन, शकील अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


