पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। अब शिक्षण संस्थानों के परिसर में प्लास्टिक की बोतलें, कप, प्लेट, चम्मच और पॉलीथीन बैग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत संस्थानों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत कुल्हड़ों में पेय पदार्थ परोसने, कागज या अन्य प्राकृतिक सामग्री से बने बर्तनों का उपयोग करने और प्लास्टिक की जगह जूट के थैलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
इस निर्णय का उद्देश्य शिक्षण परिसरों को प्लास्टिक मुक्त बनाना और छात्रों के बीच स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। माना जा रहा है कि इस पहल से न केवल कैंपस का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।


