पूर्वांचल समेत वाराणसी इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी देश का तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और खपत 900 मेगावाट तक दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शहर में हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि नमी का स्तर 34 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 68 रहने से हवा की गुणवत्ता फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है। विभाग ने 24 जून तक लू और भीषण गर्मी का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून फिलहाल उत्तरी बिहार के आसपास ठहरा हुआ है। अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां नहीं बनने के कारण मानसून की प्रगति धीमी है। ऐसे में पूर्वांचल के लोगों को अगले एक सप्ताह तक तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि 25 जून के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ने और मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। मंदिर परिसर और मार्गों पर जर्मन हैंगर तकनीक के बड़े टेंट लगाए गए हैं, जिससे दर्शनार्थियों को तेज धूप से राहत मिल सके। इसके अलावा कूलर, मिस्ट फैन और शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य बनी हुई है, लेकिन दोपहर में अत्यधिक गर्मी के कारण दर्शनार्थियों की संख्या में कमी देखी जा रही है।


