गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण में सोमवार को देशभर के सभी जिलों से जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे गए। अभियान के तहत 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाने का दावा किया गया है।
अभियान के तहत गोहत्या निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना और केंद्रीय गो-चारा नीति बनाने समेत 30 से अधिक मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को करीब पांच करोड़ हस्ताक्षरों के साथ प्रार्थना-पत्र सौंपे गए थे।![]() |
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अपेक्षित निर्णय नहीं होने पर दूसरे चरण में पुनः अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र सौंपे गए।वाराणसी में कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता के पूजन, शंखनाद और सामूहिक मंत्र जाप से हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने झंडे, बैनर और प्लेकार्ड के साथ शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
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यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप और गोमाता की झांकी भी शामिल रही। आयोजकों ने कहा कि अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा।
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