वाराणसी में गंगा नदी पर स्वच्छ, हरित और आधुनिक जल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के सहयोग से "इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना" के तहत गंगा में पहली बार इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन शुरू किया है। परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ 23 जुलाई 2026 को नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया। इस दौरान परिवर्तित पहली पांच इलेक्ट्रिक नौकाओं को नाविकों को सौंपा गया।
इस अवसर पर अपनी पारंपरिक नावों को इलेक्ट्रिक नौकाओं में बदलने वाले दीपक साहनी, राकेश साहनी, ज्योतीलाल निषाद, दीपक कुमार साहनी और शुभम साहनी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। नाविकों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ेगी और गंगा की स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
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वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि पहले चरण में कुल 20 यात्री नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक प्रणाली में बदला जा रहा है। इनमें से पहली पांच नौकाएं नाविकों को सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे वाराणसी देश के अन्य नदी शहरों के लिए हरित जल परिवहन का मॉडल बन सकेगा।
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महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाओं के संचालन से वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण में कमी आएगी तथा कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने से नाविकों की संचालन लागत में करीब 80 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है, जिससे उनका व्यवसाय अधिक लाभदायक होगा। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शांत, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल जल यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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आयरा इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगन कुमार मेहता ने बताया कि प्रत्येक इलेक्ट्रिक नौका में 15 किलोवाट की इलेक्ट्रिक आउटबोर्ड मोटर, 20 किलोवाट-घंटा क्षमता का लिथियम बैटरी पैक, ईवी चार्जर, डिजिटल डिस्प्ले, जीपीएस ट्रैकिंग और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। एक बार चार्ज होने पर नौका अस्सी घाट और नमो घाट के बीच कम से कम तीन राउंड ट्रिप करने में सक्षम है। इसके लिए चयनित घाटों पर चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए गए हैं।कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नाविकों और अन्य अतिथियों ने नमो घाट से भदैनी घाट तक इलेक्ट्रिक नौकाओं में जल भ्रमण कर परियोजना का अनुभव लिया। इस अवसर पर गेल (इंडिया) लिमिटेड के महाप्रबंधक सुशील कुमार भी मौजूद रहे।अधिकारियों का कहना है कि यह पायलट परियोजना भविष्य में वाराणसी समेत देश के अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों पर इलेक्ट्रिक जल परिवहन के विस्तार का आधार बनेगी और स्वच्छ, हरित तथा सतत विकास के राष्ट्रीय अभियान को नई दिशा देगी।



