श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रख्यात धर्माचार्य आचार्य अशोक द्विवेदी ने अपने रवींद्रपुरी स्थित आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े कथित चंदा अनियमितता प्रकरण पर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े हर आर्थिक और प्रशासनिक विषय में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आचार्य द्विवेदी ने कहा कि यदि चंदे के दुरुपयोग, गबन या वित्तीय अनियमितता से जुड़े आरोप सामने आए हैं, तो उनकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि इस मामले में सत्य सामने आना केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए ताकि समाज में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
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उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। यदि जांच में कोई व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप निराधार साबित हों तो यह भी स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
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आचार्य अशोक द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में ईमानदारी और जवाबदेही ही श्रद्धालुओं के विश्वास की सबसे मजबूत आधारशिला है।
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