यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 324वीं रैंक हासिल करने वाली प्रियाशा वर्मा की सफलता की कहानी लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। लगातार दो बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन न होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में अपने सपने को साकार कर दिखाया।
प्रियाशा का जन्म अयोध्या में हुआ, परवरिश लखनऊ में हुई और उन्होंने 2018 से 2022 के बीच आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। फिलहाल उनके पिता की रेलवे में आईआरएसई अधिकारी के रूप में तैनाती के कारण परिवार जबलपुर में रहता है। बचपन से ही प्रशासनिक माहौल मिलने और पिता के कार्यों को करीब से देखने के कारण उनमें सिविल सेवा में जाने की इच्छा जागी। कॉलेज के दौरान उनके पिता और एक आईएएस अधिकारी चचेरे भाई ने भी उन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया।
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साल 2022 में बीटेक पूरा करने के बाद प्रियाशा ने बिना समय गंवाए यूपीएससी का पहला प्रयास दिया, लेकिन प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सकीं। इसके बाद 2023 में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम चयन सूची में महज 14 अंकों से पीछे रह गईं। वर्ष 2024 में भी उन्होंने इंटरव्यू दिया, लेकिन इस बार भी करीब 20 अंकों से चयन से चूक गईं। लगातार दो बार इंटरव्यू तक पहुंचकर असफल होना उनके लिए बेहद कठिन दौर था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।प्रियाशा बताती हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान बार-बार रणनीति बदलने या नई-नई किताबों के पीछे भागने के बजाय सीमित संसाधनों, नियमित रिवीजन और उत्तर लेखन अभ्यास पर भरोसा किया। उन्होंने मानसिक मजबूती बनाए रखी और हर असफलता से सीख लेकर अपनी कमजोरियों पर काम किया।
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आखिरकार चौथे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 324वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लगातार असफलताओं के बावजूद धैर्य, आत्मविश्वास और सही रणनीति के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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