उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र की पुलिस ने नकली नोट चलाने के आरोप में संजीव मिश्रा उर्फ 'बाबाजी' नाम के एक महंत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और नकली नोट चलाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर झांखर बाग चौराहे के पास संजीव मिश्रा 500 रुपये के नकली नोट से दुकानों पर खरीदारी कर रहा था। एक दुकानदार को नोट पर शक हुआ। जांच करने पर नोट नकली निकला, जिसके बाद दुकानदार ने आसपास के लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को थाने ले गई।
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तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 500-500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद किए। जांच में पता चला कि सभी नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान दुबग्गा के मौलवी खेड़ा निवासी संजीव मिश्रा के रूप में बताई, जो सिद्धेश्वरी मंदिर के पास महंत का कार्य करता है।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह नकली नोट बाजार में चलाने के बदले आधी रकम कमीशन के रूप में लेता था। उसने अपने एक फरार साथी के बारे में भी जानकारी दी, जो रहीमाबाद क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गया।
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फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके मोबाइल नंबर, बैंक लेनदेन व अन्य कड़ियों की जांच कर रही है। बरामद नकली नोटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नोट कहां छापे गए और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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