कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ट्रैफिक पुलिस ने डिलीवरी बॉयज के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब यदि फूड और ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी कर्मी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो पहली बार उन्हें सीधे जुर्माना नहीं भरना होगा। इसके बजाय उन्हें चार घंटे का ट्रैफिक जागरूकता और सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण (लेक्चर) लेना होगा।
पुलिस का कहना है कि कई डिलीवरी कर्मचारी समय पर ऑर्डर पहुंचाने की जल्दबाजी में रेड लाइट जंप करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और तेज रफ्तार जैसी गलतियां करते हैं। ऐसे मामलों में केवल चालान काटने के बजाय उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक किया जाएगा।
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इस चार घंटे के प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों का पालन, दुर्घटनाओं से बचाव और जिम्मेदारी से वाहन चलाने के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे डिलीवरी कर्मियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
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पुलिस के अनुसार, डिलीवरी एजेंटों के लिए चार घंटे का यह प्रशिक्षण भी एक तरह की सजा है, क्योंकि इस दौरान वे कोई डिलीवरी नहीं कर पाएंगे और उनकी कमाई भी प्रभावित होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उन्हें दंडित करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।
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