सामनेघाट क्षेत्र में गंगा का जलस्तर कम होने के बाद बीच धारा में उभरी रेती पर युवाओं द्वारा तेज रफ्तार बाइक से स्टंट करने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसे लेकर महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र, बीएचयू ने चिंता जताते हुए इसे जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र, बीएचयू के समन्वयक धर्मेंद्र पटेल ने गंगा तट पर मौजूद लोगों और युवाओं को जागरूक करते हुए कहा कि गंगा की रेती कोई स्टंट ट्रैक नहीं है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, महिलाएं, बच्चे और स्थानीय नागरिक स्नान एवं भ्रमण के लिए आते हैं।
ऐसे में तेज रफ्तार बाइक चलाना न केवल स्वयं के लिए, बल्कि अन्य लोगों के जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है।उन्होंने कहा कि गंगा की रेती नदी के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां अनियंत्रित वाहनों का संचालन पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह के जोखिमपूर्ण स्टंट करना उचित नहीं है।
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धर्मेंद्र पटेल ने प्रशासन से मांग की कि सामनेघाट सहित गंगा की रेती पर अनधिकृत वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाई जाए, नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि रील बनाना गलत नहीं है, लेकिन अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर ऐसा करना उचित नहीं है। गंगा हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है, जिसकी गरिमा और सुरक्षा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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