देशभर की कई अहम सरकारी एजेंसियों और एक विमान को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले फर्जी ईमेल भेजने के मामले में दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद निवासी 36 वर्षीय निशांत त्यागी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने ये ईमेल किस मकसद से भेजे और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
पुलिस के मुताबिक, 29 जून को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इसरो (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया की एक उड़ान को बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे। ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संबंधित परिसरों और विमान की व्यापक तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच में बाद में सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं।
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इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और ईमेल ट्रेल के आधार पर जांच शुरू की। जांच की कड़ियां गाजियाबाद के संयोग नगर तक पहुंचीं, जहां से 30 जून को निशांत त्यागी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। आरोपी के ईमेल भेजने के पीछे की मंशा, इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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