भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अगली सूचना तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की नई तैनाती पर रोक लगा दी है। यह निर्देश जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और नाविकों की भर्ती करने वाली रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (RPSL) एजेंसियों पर लागू होगा।
सरकार ने समुद्री कंपनियों को अरब की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नौवहन से जुड़ी सभी सुरक्षा चेतावनियों और एडवाइजरी पर लगातार नजर रखने तथा इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी (ISPS) कोड का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
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यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास हुए ईरानी हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई। अमेरिका-ईरान तनाव के बाद इस समुद्री मार्ग पर हमलों का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं।हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विदेशी शिपिंग कंपनी भारत के बाहर से नाविकों की भर्ती करती है, तो उस पर यह आदेश सीधे तौर पर लागू नहीं होगा।
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