नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार कानून को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट में संशोधन कर दोषियों के लिए 5 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
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यह पहल ऐसे समय में की जा रही है, जब देश के कई हिस्सों में परीक्षा घोटालों को लेकर छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी की ओर से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के साथ बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि आंदोलन से जुड़े कुछ संगठनों ने विरोध जारी रखने का फैसला किया है।
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सरकार का मानना है कि कानून को और कठोर बनाने से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता के साथ-साथ छात्रों का विश्वास भी मजबूत होगा।
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