वाराणसी के हरहुआ क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण सामने आया। रिंग रोड चौराहे पर देर रात अकेले घूम रहे 11 वर्षीय मूक-बधिर बालक को हरहुआ पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
मंगलवार देर रात हरहुआ पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विवेकानंद द्विवेदी अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ रिंग रोड चौराहे पर एक बालक अकेला भटकता मिला। देर रात बालक के अकेले होने पर पुलिस उसे चौकी ले आई, जहां उसे भोजन कराया गया और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई गई।
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बालक के मूक-बधिर होने के कारण वह अपनी पहचान नहीं बता सका। इसके बाद पुलिस ने उसकी फोटो और जानकारी सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से प्रसारित कराई। प्रयास सफल रहे और बालक की पहचान नसीर अख्तर (11), पुत्र जैनूलद्दीन, निवासी ग्राम कोटवा, थाना लोहता के रूप में हुई।
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पहचान की पुष्टि होने के बाद हरहुआ पुलिस ने चौकी कोटवा, थाना लोहता को सूचना दी। सूचना पर हेड कांस्टेबल रविंद्र हरहुआ पुलिस चौकी पहुंचे। आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई पूरी करने के बाद बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
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बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने हरहुआ पुलिस का आभार जताया। वहीं, स्थानीय लोगों ने चौकी प्रभारी विवेकानंद द्विवेदी और उनकी टीम की संवेदनशीलता एवं सतर्कता की प्रशंसा करते हुए इसे पुलिस की सराहनीय मानवीय पहल बताया।

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