'मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC रूम का एक्टिविस्ट नहीं'— संसद में धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर करारा जवाब

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में उनके पहुंचते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांसदों ने 'धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगाए और उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर संसद भवन के अंदर ले गए।

इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। उन्होंने सहानुभूति जताते हुए कहा, "इट हैपन्स" यानी "ऐसा होता है।" इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, "नथिंग हैपन्ड" यानी "कुछ नहीं हुआ है।" इसके बाद उन्होंने कहा, "आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नॉट एन एसी रूम एक्टिविस्ट।" यानी "मैं सड़क पर संघर्ष करने वाला नेता हूं, एसी कमरे में बैठने वाला एक्टिविस्ट नहीं।" उनका यह बयान संसद परिसर में चर्चा का विषय बन गया।

Advertisement

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से उन्हें दुख पहुंचा है, लेकिन यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं को भ्रम व अविश्वास के माहौल में नहीं फंसने दिया जाएगा।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों में चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान की कमान भी उन्हें सौंपी जा सकती है। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि प्रधान एक कुशल संगठनकर्ता और चुनाव प्रबंधक हैं, जिनका अनुभव भाजपा के लिए आगे भी अहम रहेगा।

Advertisement

ओडिशा से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पार्टी के चुनावी अभियान का सफल नेतृत्व किया है। हाल के वर्षों में संगठन और सरकार दोनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।इस्तीफे के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने उनके आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की सराहना की। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व अब भी उन पर पूरा भरोसा जताए हुए है और जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

Advertisement


Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post