एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें इस बार नई भगवा रंग की जर्सी में नजर आएंगी। हॉकी इंडिया ने पारंपरिक नीली जर्सी की जगह नई किट पेश करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की मैदान पर बेहतर दृश्यता के साथ भारतीय विरासत और संस्कृति को भी प्रदर्शित करना है।
हॉकी इंडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकतर मुकाबले नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेले जाते हैं। ऐसे में नीली जर्सी कभी-कभी पिच के साथ मेल खा जाती थी, जिससे खिलाड़ियों की पहचान प्रभावित होती थी। इसी वजह से भगवा रंग को प्राथमिक जर्सी के रूप में चुना गया है। संगठन ने बताया कि यह बदलाव खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की तकनीकी राय के आधार पर किया गया है।
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नई जर्सी में भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई गई है। इसमें मंडला कला से प्रेरित डिजाइन, अशोक चक्र से जुड़े नेवी ब्लू ग्राफिक्स, कंधों पर तिरंगे की पाइपिंग और सामने देवनागरी लिपि में 'इंडिया' अंकित किया गया है। टीम के लिए सफेद रंग की वैकल्पिक जर्सी भी तैयार की गई है।
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हालांकि, इस फैसले को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने असहमति जताई है। उनका कहना है कि भारतीय हॉकी की पहचान लंबे समय से नीली जर्सी रही है और इसमें बदलाव करना उचित नहीं है। नई जर्सी को लेकर खेल जगत में बहस भी शुरू हो गई है।
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