वाराणसी के राजातालाब तहसील में निलंबित लेखपाल अनिल पाल की बहाली की मांग को लेकर प्रस्तावित कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की राजातालाब इकाई ने यह निर्णय जिलाधिकारी से शीघ्र बहाली का आश्वासन मिलने के बाद लिया। इसकी जानकारी तहसील अध्यक्ष राजेश मौर्य ने बुधवार दोपहर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
संघ के अनुसार, जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद हुई बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। यदि इस अवधि में बहाली की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
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दरअसल, लेखपाल अनिल पाल को 8 जुलाई को निलंबित किया गया था। इसके विरोध में 9 जुलाई को लेखपाल संघ ने उपजिलाधिकारी राजातालाब को पत्र सौंपकर निलंबन वापस लेने की मांग की थी। 14 जुलाई को संघ की उपजिलाधिकारी से वार्ता भी हुई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 15 जुलाई से संपूर्ण कार्य बहिष्कार और तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया था।
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इसी दौरान 14 जुलाई को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, वाराणसी के जिलाध्यक्ष मान सिंह ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की। संघ का दावा है कि वार्ता में यह बात सामने आई कि अनिल पाल की ओर से कोई गलती नहीं थी, बल्कि प्रकरण में त्रुटि तहसील स्तर पर हुई थी। इसके बाद अपर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी राजातालाब को बहाली की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
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बाद में जिलाध्यक्ष मान सिंह ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की, जहां उन्हें निलंबित लेखपाल की शीघ्र बहाली का आश्वासन मिला। इसी आश्वासन के आधार पर फिलहाल आंदोलन और कार्य बहिष्कार को एक सप्ताह के लिए टालने का निर्णय लिया गया।

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