वाराणसी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'भरण-पोषण न्यायालय' की पहल, उपेक्षा करने वालों को करनी पड़ सकती है सामुदायिक सेवा

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वाराणसी में 'भरण-पोषण न्यायालय' की पहल शुरू की गई है। उप जिलाधिकारी नितिन सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह न्यायालय वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, संपत्ति की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कार्य करेगा।

उन्होंने बताया कि यदि कोई संतान या कानूनी उत्तराधिकारी अपने माता-पिता अथवा वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा करता है, तो न्यायालय उसे भरण-पोषण सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामुदायिक सेवा करने का भी निर्देश दे सकता है। इसके तहत वृद्धाश्रमों में सेवा, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, साफ-सफाई, बागवानी और अन्य सामाजिक कार्य कराए जा सकते हैं।

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उप जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालय संबंधित संस्थानों के प्रमुखों के माध्यम से इन निर्देशों के पालन की निगरानी भी करेगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।उन्होंने बताया कि अपनी समस्या लेकर वरिष्ठ नागरिक संबंधित संस्थान के प्रमुख, नगर निगम के जोनल अधिकारी अथवा अन्य अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

Adertisement

शिकायत मिलने के बाद भरण-पोषण न्यायालय नियमानुसार कार्रवाई करेगा।एसडीएम नितिन सिंह ने कहा कि यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ समाज और परिवारों में उनके प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 

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