सोनम वांगचुक के समर्थन में विभिन्न संगठनों और युवाओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान सोनम वांगचुक के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता जताते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई। इस दौरान पुलिस ने रोका।
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल ने बताया कि सोनम वांगचुक छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, विशेषकर पेपर लीक और रोजगार के सवालों को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल को घेरकर कार्रवाई की गई और सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर आघात बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार करने, सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की भी मांग उठाई गई। कैलाश पटेल ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस मामले में शीघ्र कार्रवाई आवश्यक है।



