उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 19 से 21 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 18 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, मेघगर्जन और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है।
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19 से 21 जुलाई के बीच मानसूनी गतिविधियां अपने चरम पर रह सकती हैं। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 75 जिलों में से 36 जिलों में सामान्य से कम और 17 जिलों में अत्यधिक कम वर्षा हुई है। वहीं, मेरठ, मुजफ्फरनगर, संभल और एटा जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश के समय जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।



