उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर थाने में जनसुनवाई के दौरान महिला उपनिरीक्षक द्वारा एक महिला को थप्पड़ मारने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एसीपी सारनाथ विनय कुमार द्विवेदी को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, परानापुर निवासी योगेंद्र की पत्नी पूनम देवी ने जमीन विवाद को लेकर गांव के ही रामसेवक के खिलाफ चौबेपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह कर रही थीं। गुरुवार को दोनों पक्षों को जनसुनवाई के लिए थाने बुलाया गया था।बताया गया कि शिकायत के आरोपी रामसेवक की जगह उसकी पत्नी गीता देवी थाने पहुंची। महिला उपनिरीक्षक ने गीता देवी से उसके पति को थाने बुलाने के लिए कहा। गीता देवी ने बताया कि उसके पति मजदूरी करने गए हैं और फिलहाल नहीं आ सकते। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।आरोप है कि बहस के दौरान महिला उपनिरीक्षक का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने गीता देवी को थाने के अंदर बैठने के लिए कहा। महिला के विरोध करने पर उपनिरीक्षक ने कुछ ही सेकंड में उसे कई थप्पड़ मार दिए।
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थाने में मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल करीब आठ सेकंड के वीडियो में महिला दारोगा लगातार महिला को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, महिला उपनिरीक्षक रोशनी सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान प्रतिवादी पक्ष की महिला उनसे उलझ गई। उनका आरोप है कि थाने में मौजूद एक युवक और युवती ने दबाव बनाने के उद्देश्य से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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घटना के सामने आने के बाद डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने कहा कि आमजन के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इसलिए महिला उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना की है। कई लोगों ने इसे खाकी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली घटना बताते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है।
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