उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में बाढ़ की आशंका भी बढ़ा दी है। पूर्वांचल की राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।संतकबीरनगर जिले में राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को बढ़कर 75 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने करमैनी-बेलौली तटबंध सहित संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। विभागीय टीम जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और कटान की आशंका वाले इलाकों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। नौगो, जोरवा, विशुनपुर और बेलौली जैसे संवेदनशील स्थलों पर इंजीनियरों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।उधर, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मानसून का असर बना रहेगा, हालांकि 11 जुलाई के बाद कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
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