पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनकी मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर बेटे के लिए न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह सरकार से कोई एहसान या हमदर्दी नहीं मांग रहीं, बल्कि केवल यह चाहती हैं कि उनके बेटे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। राखी अग्रवाल ने पत्र में लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने ही बेटे के लिए न्याय मांगने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर मां की तरह उनका भी सपना था कि केतन की शादी हो, वह अपना परिवार बसाए और खुशहाल जीवन जिए। लेकिन नियति ने उनसे उनका बेटा छीन लिया और उन्हें उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा, जो किसी भी मां के लिए सबसे बड़ा दुख होता है।
उन्होंने आगे लिखा कि केतन की क्रूर हत्या के साथ उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई। घर का हर कोना उन्हें बेटे की याद दिलाता है। उसका कमरा, उसके कपड़े, उसकी तस्वीरें और उसकी हंसी की जगह अब गहरी खामोशी ने ले ली है। उन्होंने कहा कि यह दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलने से उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। राखी अग्रवाल ने यह भी बताया कि बेटे की मौत के महज 20 दिन बाद परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल का भी निधन हो गया। उन्होंने लिखा कि पोते की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर सके और देखते ही देखते परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया।
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पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर अपील की कि इस मामले पर विशेष ध्यान दिया जाए और बिना किसी देरी के न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लिखा, "कृपया केतन को सिर्फ एक और केस फाइल मत बनने दीजिए। वह किसी का बेटा, पोता और भाई था, लेकिन मेरे लिए वह मेरी पूरी दुनिया था। मैं हर रात उसकी तस्वीर देखकर यही कहती हूं कि बेटा, मां अब भी तेरे लिए लड़ रही है।"
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यह मामला 18 जून का है, जब केतन अग्रवाल की लोनावला स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और उन्हें चट्टान से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 3 जुलाई को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले की जांच अभी भी जारी है।
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