सोनम वांगचुक के समर्थन और उनके खिलाफ की गई कथित कार्रवाई के विरोध में शास्त्री घाट पर विभिन्न छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन में दिशा छात्र संगठन, पीयूसीएल, स्त्री मुक्ति लीग, बीएसएम और पीएस4 सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों और युवाओं के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, जिनमें लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और शिक्षा के निजीकरण जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।
दिशा छात्र संगठन के ध्रुव ने कहा कि यह दौर छात्रों के भविष्य के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है और ऐसे समय में एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से छात्रों और युवाओं की उम्मीदें टूट रही हैं। वहीं शिक्षा के निजीकरण के कारण आम परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना लगातार कठिन होता जा रहा है।
सभा को पीयूसीएल के प्रवाल जी, पीएस4 के डॉ. छेदी लाल, जनवादी लेखक संघ के प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव सहित विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
सभा के दौरान नारों और जनगीतों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सभा स्थल से रैली निकाली और अंत में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।



