वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भगवान श्रीराम पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मामले में गुरुवार को सुनवाई टल गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) की अदालत में निर्धारित सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और अनुज यादव ने वकालतनामा दाखिल करते हुए मामले में जवाब प्रस्तुत करने और पक्ष रखने के लिए समय मांगा। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय कर दी।
मामला अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से दायर उस अर्जी से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अर्जी में दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने भगवान श्रीराम को पौराणिक बताते हुए उनके युग से जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा और उनके अस्तित्व पर सवाल उठाए। परिवादी का आरोप है कि इन टिप्पणियों से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
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परिवादी ने अपनी अर्जी में यह भी आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने राम मंदिर का विरोध किया और विदेश की धरती पर भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए। इन कथित बयानों को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए अदालत से कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।इस मामले में पहले 27 मई 2025 को निचली अदालत ने परिवाद पत्र को पोषणीय न मानते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवादी अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने सत्र न्यायालय में रिवीजन याचिका दाखिल की।
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सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद निचली अदालत का आदेश निरस्त करते हुए मामले पर दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया था। उसी आदेश के अनुपालन में एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।गुरुवार को राहुल गांधी की ओर से वकालतनामा दाखिल किए जाने और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी, जब अदालत राहुल गांधी पक्ष और परिवादी पक्ष की दलीलें सुनकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय करेगी।
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