श्रावण मास और आगामी त्योहारों के मद्देनजर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 9 जुलाई को बाबतपुर स्थित कार्यालय में अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नृपेन्द्र ने गोमती जोन के सभी थानों से आए विवेचकों और थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त ने श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से सभी तैयारियां पूरी करने को कहा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बिना कारण लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने पर भी जोर दिया। सभी विवेचकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें, आवश्यक साक्ष्य समय पर एकत्र करें और शीघ्र अंतिम कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक मुकदमे के पंजीकरण के 24 घंटे के भीतर घटनास्थल का अनिवार्य निरीक्षण कर भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाने तथा केस डायरी को समय पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
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बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिदिन पैदल गश्त बढ़ाने, राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का नियमानुसार चालान करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा थाना क्षेत्रों में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने और सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
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पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को यक्ष ऐप पर आवश्यक प्रविष्टियां नियमित और शुद्ध रूप से अपडेट करने तथा ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से सभी अभियोगों में समयबद्ध तरीके से एसआईडी (SID) जनरेट करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि इससे विवेचना में पारदर्शिता बढ़ेगी, त्रुटियां कम होंगी और सभी मामलों का डिजिटल रिकॉर्ड सटीक एवं अद्यतन रहेगा।बैठक के अंत में अपर पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रावण मास के दौरान सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरे जोन में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल बना रहे।
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