वाराणसी। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी साइबर क्राइम टीम और भेलूपुर पुलिस ने महमूरगंज स्थित शाही टावर में संचालित एक फर्जी ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 32 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 21 युवतियां और 11 युवक शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश और डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई से पहले साइबर क्राइम ब्रांच के दरोगा और सिपाही खुद ट्रेडर और निवेशक बनकर कॉल सेंटर के संपर्क में पहुंचे। उन्होंने गिरोह के काम करने के तरीके को समझा और करीब 10 करोड़ रुपये के निवेश का फर्जी प्रस्ताव तैयार करवाया। इस दौरान आरोपियों ने उनसे आवेदन फॉर्म भरवाए, कॉलिंग नंबर साझा किए और निवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर छापेमारी की।
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जांच में पता चला कि कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को मल्टीनेशनल कंपनी का अधिकृत एजेंट बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के लिए प्रेरित करते थे तथा विभिन्न माध्यमों से बड़ी रकम की ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह केवल भारतीय नागरिकों ही नहीं, बल्कि विदेशी नागरिकों को भी निशाना बनाता था। आरोपी फर्जी एप्पल कस्टमर सपोर्ट और अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर अमेरिकी नागरिकों से भी ठगी करते थे
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छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क, लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।गुरुवार रात करीब नौ बजे हुई इस कार्रवाई से कॉल सेंटर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार, भेलूपुर थाना पुलिस, क्यूआरटी टीम और अन्य पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
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