केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके साथ कई अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर थे, जिनमें एआईएसए (AISA) के तीन सदस्य भी शामिल थे।
सीजेपी नेताओं के अनुसार, सरकार की ओर से बातचीत की पहल किए जाने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ सकारात्मक संवाद शुरू हुआ है।
इससे पहले रविवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा था कि यदि राजनीतिक दल संसद के मानसून सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा प्रभावी ढंग से उठाने का भरोसा देते हैं, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वांगचुक चाहते हैं कि प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित हो।वांगचुक लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, परीक्षा अनियमितताओं और जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।



