नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। उन्होंने सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।एक साक्षात्कार में वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संदेश देते हुए कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए बातचीत का रास्ता अपनाए, तो इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान संभव है।
वांगचुक ने दोहराया कि उनका अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम है। उन्होंने देशवासियों से भी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और आवश्यक सुधार की मांग का समर्थन करने की अपील की। वहीं, लगातार जारी भूख हड़ताल के चलते उनकी सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है।
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