वाराणसी: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न के साथ ही वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में भी छात्र नेताओं और छात्रों ने एक-दूसरे को मेलोडी चॉकलेट और मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर छात्र जमकर नाचे और नारेबाजी करते हुए आंदोलन की सफलता का दावा किया। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा दिया, जिसके बाद कई जगहों पर छात्रों ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया।
छात्रों का कहना था कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं, बल्कि छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उनका आरोप था कि लंबे समय से सरकार छात्रों की समस्याओं और मांगों को नजरअंदाज करती रही, लेकिन लगातार चले आंदोलन और दबाव के कारण आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।
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इस दौरान छात्र नेता आयुष यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता और छात्रों की आवाज़ को दबाकर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया और युवाओं की मांगों को अनसुना किया, तो भविष्य में और बड़े जनआंदोलन खड़े हो सकते हैं। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की।
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जश्न के दौरान बड़ी संख्या में छात्र परिसर में मौजूद रहे। उन्होंने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया, ढोल-नगाड़ों पर नृत्य किया और छात्र एकता के समर्थन में नारे लगाए। पूरे परिसर में उत्साह का माहौल रहा और छात्रों ने इसे अपने लंबे संघर्ष का परिणाम बताया।
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