नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और यूट्यूबर रणवीर अलाहाबादिया से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाते हुए समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि 15 दिनों के भीतर जमा की जाए, अन्यथा उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने कहा कि समय रैना ने अदालत के आदेशों और अपने हलफनामे का गंभीर उल्लंघन किया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा लगता है जैसे उन्होंने अदालत को गंभीरता से नहीं लिया और "अदालत को हल्के में लिया है।
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मामले में रणवीर अलाहाबादिया को भी अदालत की फटकार का सामना करना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि समझ नहीं आता कि ये किस तरह के "यूथ आइकॉन" हैं। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि देश के युवाओं के पास इनसे कहीं बेहतर आदर्श मौजूद हैं।
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सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना नए शो कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अदालत के पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया। आरोप है कि उन्होंने दिव्यांगजनों को शो में शामिल करने जैसे निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। वहीं तुषार मेहता ने कहा कि समय रैना ने नए शो के प्रचार में "नई शुरुआत" की बात कही और नींबू-मिर्ची लटकाकर पुराने विवाद की ओर इशारा किया, जो अदालत के निर्देशों की भावना के विपरीत माना गया।
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