नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के अमल पर अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल राज्य में पहले से लागू कानूनी व्यवस्था के अनुसार ही पशु वध से संबंधित प्रावधान प्रभावी रहेंगे।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने दलील दी कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश राज्य के प्रचलित कानून के दायरे से परे है। सरकार का कहना था कि इस फैसले के कारण अधिकृत बूचड़खानों में भी गोवंश के वध पर रोक जैसी स्थिति बन गई, जबकि राज्य का कानून निर्धारित शर्तों के तहत इसकी अनुमति देता है।
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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर अंतरिम राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत सुनवाई होने तक मौजूदा व्यवस्था बरकरार रहेगी। अब अगली सुनवाई में अदालत इस विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी।
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