विश्वप्रसिद्ध तीन दिवसीय रथयात्रा मेले का समापन शनिवार देर रात श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के अंतिम दर्शन के लिए पूरे दिन और देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भक्तों ने प्रभु के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।मेले के अंतिम दिन पूरा रथयात्रा क्षेत्र आस्था और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन के साथ बच्चों के लिए खिलौने, खान-पान की वस्तुएं और अन्य सामान की जमकर खरीदारी की। पूरे क्षेत्र में मेले का उल्लास देखने को मिला।
मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था का जायजा लेते रहे, वहीं खोया-पाया केंद्र से लगातार घोषणाएं कर बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य किया जाता रहा। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सहायता की।
इस दौरान मेला प्रबंध समिति की ओर से सहायता शिविर से घोषणा कर केटीवी चैनल की विशेष सराहना की गई। समिति ने कहा कि केटीवी द्वारा भगवान जगन्नाथ के दिव्य दर्शन का प्रसारण किए जाने से लाखों श्रद्धालु भी घर बैठे प्रभु के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सके। समिति ने इस धार्मिक सेवा के लिए केटीवी का आभार व्यक्त करते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
आस्था, सेवा, सुरक्षा और जनसहभागिता के संगम के साथ विश्वप्रसिद्ध तीन दिवसीय रथयात्रा मेला शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।



