लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से 30 फीसदी वाहन पुराने मार्ग पर लौटे, टोल और सड़क की खराबी बनी वजह

कानपुर। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या में कमी आई है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यहां से गुजरने वाले करीब 30 फीसदी वाहन अब पुराने हाईवे का इस्तेमाल करने लगे हैं। अधिक टोल शुल्क, सड़क क्षतिग्रस्त होने और जगह-जगह मरम्मत के कारण वाहन चालकों का रुझान पुराने मार्ग की ओर बढ़ा है।63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के बाद सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं सामने आईं। इसके चलते अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग और डायवर्जन करना पड़ा। इससे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को परेशानी हुई।

वाहन चालकों के लिए टोल शुल्क भी बड़ा कारण माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल करीब 290 रुपये है, जबकि पुराने हाईवे से सफर करने पर करीब 100 रुपये ही खर्च होते हैं। ऐसे में कई वाहन चालक अतिरिक्त शुल्क देने के बजाय पुराने मार्ग को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर पहले रोजाना करीब 22 से 24 हजार वाहन गुजर रहे थे। अब यह संख्या घटकर लगभग 18 से 20 हजार रह गई है। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती समय में बड़ी संख्या में लोग नए एक्सप्रेसवे को देखने और अनुभव करने के लिए आए थे। वास्तविक यातायात का आकलन करीब छह महीने बाद किया जाएगा।

Advertisement

एनएचएआई के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर सड़क से जुड़ी समस्याओं की मरम्मत करा दी गई है और फिलहाल यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के पूरी तरह सुचारु होने के बाद वाहनों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

Advertisement


Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post