संत गणीनाथ जयंती के पावन पर्व पर मद्धेशिया समाज की ओर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट, दशाश्वमेध पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। सुबह से ही हजारों की संख्या में पुरुष और महिलाएं केसरिया वस्त्रों में घाट पर जुटे। श्रद्धालुओं ने 251 कलशों का पूजन किया।
इसके बाद कुलदेवता संत गणीनाथ जी महाराज और पल्टू दास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की गई।इसके बाद संत गणीनाथ जी की रथयात्रा और 251 कलशों की शोभायात्रा निकाली गई। |
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शोभायात्रा में घोड़े पर शंकर-पार्वती की झांकी, बैंड-बाजा और शहनाई आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु हाथों में केसरिया झंडे और गंगाजल व दूध से भरे कलश लेकर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।शोभायात्रा गोदौलिया चौराहा, गिरजाघर चौराहा, पीडीआर मॉल होते हुए पुनः गोदौलिया, बाँसफाटक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर और शनि देवता मंदिर से होकर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। |
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यहां श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का 27वां जलाभिषेक किया।कलश शोभायात्रा का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष रामचन्द्र गुप्ता एडवोकेट ने किया।  |
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इस दौरान संरक्षक गोपाल जी एजीआर और केपी गुप्त सहित राजीव गुप्त, दिनेश गुप्ता (दीनू), रमेश, श्याम सुंदर, निशांत, गौतम दयाल, ईशान, वीके गुप्त, रामविलास, अभिषेक गुप्ता, शुभम, रतन, विनोद, गणेश, डॉ. सरिता गुप्ता, राजलक्ष्मी, शीला कान्दू, शान्ती गुप्ता, ज्योत्सना सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।