लखनऊ में साइबर ठगों को पकड़कर छोड़ने का आरोप, तीन सिपाही निलंबित और छह पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

लखनऊ में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। साइबर क्राइम सेल की टीम ने एक कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 122 संदिग्धों को पकड़ा था, लेकिन इनमें से तीन को कथित तौर पर छोड़ दिया गया। हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद हुई जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली।प्राथमिक जांच के आधार पर तीन सिपाहियों वसीम, जितेंद्र और श्रीकांत को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दो दरोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

बताया गया कि 30 जून को समिट बिल्डिंग स्थित एक साइबर ठगी के कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई थी। पुलिस ने 119 आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाते हुए उन्हें जेल भेजा था। आरोप था कि मौके से पकड़े गए तीन अन्य लोगों को पुलिसकर्मियों ने अलग ले जाकर छोड़ दिया।

Advertisement
जेल में बंद एक महिला आरोपी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ कुछ वीडियो भी पेश किए गए, जिनमें तीन पुलिसकर्मी पकड़े गए आरोपियों को लिफ्ट में ले जाकर अलग बातचीत करते नजर आए। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच कराई गई।
Advertisement
एसीपी गोमतीनगर रत्नेश सिंह की जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल यादव के मुताबिक, जांच के आधार पर नौ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 
Advertisement


Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post