श्रावण मास के पावन अवसर पर देव गुरु बृहस्पति भगवान का वार्षिक हरियाली एवं हिम श्रृंगार गुरुवार को धार्मिक एवं भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। बाबा की दिव्य झांकी में अर्धनारीश्वर स्वरूप को पालने पर सपरिवार विराजमान कराया गया। इसके बाद 11 वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच देव गुरु बृहस्पति भगवान का पंचामृत स्नान कराया।
इस अवसर पर बाबा को स्वर्ण मुखौटा एवं चांदी के अष्टधातु छत्र से सुशोभित किया गया। मंदिर के मुख्य द्वार और पूरे प्रांगण को अशोक व कामिनी की पत्तियों, रंग-बिरंगे वस्त्रों और विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया।सायंकाल सात बजे से मध्य रात्रि तक मां आदिशक्ति भजन मंडल की ओर से भजन संध्या का आयोजन हुआ।
लालचन्द्र चौरसिया, विक्की द्रविण, अनिल राज, विजय चतुर्वेदी और प्रियंका पाण्डेय ने भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। संगत में ऑर्गन पर श्याम जी, नाल पर संजू भाई और पैड पर अभय यादव ने सहयोग किया। कीर्तन का संचालन लालचन्द्र चौरसिया ने किया।वहीं, प्रातः मंगला आरती और रात्रि शयन आरती सहित भोर की आरती, रुद्राभिषेक एवं भोग-प्रसाद वितरण विधि-विधान से संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में गिरी परिवार सहित श्रद्धालुओं और सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।



